नमस्ते सबी सरजी ! **मिशन TET/CTET 2026** के अंतर्गत आज के अभ्यास के लिए **'शब्द विचार' (तत्सम, तद्भव, देशज और विदेशी शब्द)** पर आधारित महत्वपूर्ण नोट्स प्रशांत सरजी ने , नीचे दिए हैं। यह विषय TET परीक्षा में कम से कम 2-3 अंकों के लिए निश्चित रूप से पूछा जाता है।
📚 विषय: शब्द विचार (उत्पत्ति के आधार पर)
हिंदी भाषा में शब्दों का उद्गम कहाँ से हुआ है, इसके आधार पर मुख्य रूप से चार प्रकार माने जाते हैं:
### **१. तत्सम शब्द (Tatsam)**
* **परिभाषा:** 'तत्' + 'सम' (उसके समान)। संस्कृत के वे शब्द जो हिंदी में **बिना किसी परिवर्तन के** ज्यों के त्यों प्रयोग किए जाते हैं।
* **उदाहरण:** अग्नि, दुग्ध, सूर्य, वायु, हस्त, रात्रि, आम्र, क्षेत्र।
* **पहचान ट्रिक:** जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'ऋ', 'श्र' या आधे वर्णों का प्रयोग होता है, वे प्रायः तत्सम होते हैं।
### **२. तद्भव शब्द (Tadbhiv)**
* **परिभाषा:** 'तत्' + 'भव' (उससे उत्पन्न)। संस्कृत के वे शब्द जो प्राकृत, अपभ्रंश से होते हुए **परिवर्तित रूप** में हिंदी में आए हैं।
* **उदाहरण:** आग (अग्नि से), दूध (दुग्ध से), सूरज (सूर्य से), हाथ (हस्त से), रात (रात्रि से), आम (आम्र से)।
* **पहचान ट्रिक:** ये शब्द बोलने में सरल होते हैं और दैनिक बोलचाल में अधिक प्रयोग होते हैं।
### **३. देशज शब्द (Deshaj)**
* **परिभाषा:** वे शब्द जिनकी उत्पत्ति का पता नहीं चलता और जो **क्षेत्रीय बोलियों** या आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर बन गए हैं।
* **उदाहरण:** लोटा, कटोरा, खिचड़ी, पगड़ी, झोला, डिबिया, ऊटपटांग, खिड़की।
### **४. विदेशी शब्द (Foreign/Videshi)**
* **परिभाषा:** जो शब्द विदेशी भाषाओं (जैसे अंग्रेजी, अरबी, फारसी, तुर्की, पुर्तगाली) से हिंदी में आए हैं।
* **प्रमुख उदाहरण:**
* **अंग्रेजी:** स्कूल, बस, ट्रेन, स्टेशन, डॉक्टर, पेन।
* **अरबी/फारसी:** अखबार, वकील, आजाद, इनाम, चश्मा, चाकू।
* **पुर्तगाली:** अलमारी, बाल्टी, तौलिया, साबुन, गमला।
* **तुर्की:** कैंची, कुली, बारूद, बेगम।
💡 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
🎯 मिशन TET 2026:प्रशांत सरजी के विशेष सुझाव**
* **संकर शब्द:** जब दो अलग-अलग भाषाओं के शब्दों को मिलाकर नया शब्द बनता है, तो उसे 'संकर' कहते हैं।
जैसे: रेल (अंग्रेजी) + गाड़ी (हिंदी) = **रेलगाड़ी**; टिकट (अंग्रेजी) + घर (हिंदी) = **टिकटघर**।
> **मार्गदर्शक: पी. पी. पेंधे सर**
> *"नियमित सराव, यशाचा मार्ग!"*
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