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**मिशन TET/CTET 2026** के लिए **'संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण'** के विस्तृत नोट्स हिंदी में नीचे दिए गए हैं। यह विषय हिंदी व्याकरण का आधार है और परीक्षा में इससे सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।
#प्रशांत पेंधे सर
📚 विषय: प्रशांत पेंधे सर के मार्गदर्शन में
संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण (विस्तृत अध्ययन)**
हिंदी व्याकरण में इन तीनों को 'विकारी शब्द' कहा जाता है क्योंकि लिंग, वचन और कारक के अनुसार इनका रूप बदल जाता है।
### **१. संज्ञा (Noun)**
**परिभाषा:** किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को 'संज्ञा' कहते हैं।
**संज्ञा के मुख्य ५ भेद:**
1. **व्यक्तिवाचक संज्ञा:** जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराए। (उदा: भारत, गंगा, हिमालय, प्रशांत)।
2. **जातिवाचक संज्ञा:** जो पूरी जाति या श्रेणी का बोध कराए। (उदा: लड़का, नदी, पर्वत, शहर, देश)।
3. **भाववाचक संज्ञा:** जो किसी भाव, गुण, दशा या अवस्था का बोध कराए। (उदा: मिठास, बचपन, क्रोध, प्रेम, ईमानदारी)।
4. **समूहवाचक संज्ञा:** जो किसी समूह या समुदाय का बोध कराए। (उदा: सेना, सभा, कक्षा, भीड़, दल)।
5. **द्रव्यवाचक संज्ञा:** जो किसी धातु या द्रव्य (पदार्थ) का बोध कराए। (उदा: सोना, पानी, तेल, दूध, लोहा)।
### **२. सर्वनाम (Pronoun)**
**परिभाषा:** संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को 'सर्वनाम' कहते हैं।
**सर्वनाम के ६ भेद:**
1. **पुरुषवाचक सर्वनाम:** वक्ता, श्रोता या अन्य के लिए। इसके तीन प्रकार हैं:
* *उत्तम पुरुष:* मैं, हम।
* *मध्यम पुरुष:* तू, तुम, आप।
* *अन्य पुरुष:* वह, वे।
2. **निश्चयवाचक सर्वनाम:** जो किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध कराए। (उदा: **यह** मेरी पुस्तक है, **वह** मेरा घर है)।
3. **अनिश्चयवाचक सर्वनाम:** जिससे किसी निश्चित वस्तु का बोध न हो। (उदा: बाहर **कोई** खड़ा है, दूध में **कुछ** गिरा है)।
4. **संबंधवाचक सर्वनाम:** जो दो वाक्यों या शब्दों के बीच संबंध बताए। (उदा: **जो** करेगा, **सो** भरेगा; **जैसा** बोओगे, **वैसा** काटोगे)।
5. **प्रश्नवाचक सर्वनाम:** प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त शब्द। (उदा: दरवाजे पर **कौन** है? तुम **क्या** कर रहे हो?)।
6. **निजवाचक सर्वनाम:** जहाँ वक्ता अपने लिए 'आप' या 'स्वयं' का प्रयोग करे। (उदा: मैं अपना काम **स्वयं** करूँगा)।
### **३. विशेषण (Adjective)**
**परिभाषा:** जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, परिमाण आदि) बताते हैं, उन्हें 'विशेषण' कहते हैं।
**विशेषण के ४ मुख्य भेद:**
1. **गुणवाचक विशेषण:** जो संज्ञा के गुण, दोष, रंग, आकार का बोध कराए। (उदा: **बुद्धिमान** बालक, **लाल** फूल, **छोटा** घर)।
2. **संख्यावाचक विशेषण:** जो संज्ञा की संख्या का बोध कराए। इसके दो प्रकार हैं:
* *निश्चित संख्यावाचक:* **दस** लड़के, **दो** आम।
* *अनिश्चित संख्यावाचक:* **कुछ** लोग, **कई** छात्र।
3. **परिमाणवाचक विशेषण:** जो माप-तोल या मात्रा का बोध कराए।
* *निश्चित परिमाण:* **दो लीटर** दूध, **पाँच किलो** चीनी।
* *अनिश्चित परिमाण:* **थोड़ा** पानी, **बहुत** सारा अनाज।
4. **सार्वनामिक विशेषण:** जब कोई सर्वनाम संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताए। (उदा: **यह** लड़का बहुत तेज है, **वह** घर किसका है?)।
### **🎯 TET परीक्षा विशेष - "महत्वपूर्ण सूत्र"**
* **विशेष्य (Visheshya):** जिसकी विशेषता बताई जाए। (उदा: 'काला घोड़ा' में 'घोड़ा' विशेष्य है)।
* **प्रविशेषण (Pra-visheshna):** विशेषण की विशेषता बताने वाला शब्द। (उदा: 'सीता **बहुत** सुंदर है' - यहाँ 'बहुत' प्रविशेषण है)।
* **अवस्थाएँ:** विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं - मूलावस्था (लघु), उत्तरावस्था (लघुतर), उत्तमावस्था (लघुतम)।
> **मार्गदर्शक: पी. पी. पेंधे सर**
> *"सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर अभ्यास ही एकमात्र रास्ता है!"*