मंगळवार, २१ एप्रिल, २०२६

विषय: शब्द रचना (Word Formation)[ संकलन पी पी पेंधे ]

 




नमस्ते 

**मिशन TET/CTET 2026**
 उपक्रमासाठी आजचा विषय अत्यंत महत्त्वाचा आहे. **'शब्द रचना'** मधील उपसर्ग, प्रत्यय, संधी आणि समास यांवर आधारित सविस्तर नोट्स खालीलप्रमाणे आहेत.

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📚 विषय: शब्द रचना (Word Formation)

हिंदी भाषेत नवीन शब्दांची निर्मिती प्रामुख्याने चार प्रकारे केली जाते:

### **१. उपसर्ग (Prefix)**

 * **व्याख्या:** जे शब्दांश मूळ शब्दाच्या **पूर्वी (आधी)** जोडून नवीन शब्द तयार करतात आणि अर्थ बदलतात, त्यांना 'उपसर्ग' म्हणतात.

 * **उदाहरणे:**

   * **अ** + धर्म = अधर्म

   * **अनु** + शासन = अनुशासन

   * **निर्** + बल = निर्बल

   * **उप** + हार = उपहार

 * **टीप:** उपसर्गाला स्वतःचा स्वतंत्र अर्थ नसतो, पण शब्दासोबत जोडल्यावर तो प्रभावशाली ठरतो.

### **२. प्रत्यय (Suffix)**

 * **व्याख्या:** जे शब्दांश मूळ शब्दाच्या **शेवटी (नंतर)** जोडून नवीन शब्द तयार करतात, त्यांना 'प्रत्यय' म्हणतात.

 * **उदाहरणे:**

   * भारत + **ईय** = भारतीय

   * सुंदर + **ता** = सुंदरता

   * लिख + **आवट** = लिखावट

   * घबरा + **आहट** = घबराहट

 * **प्रकार:** प्रत्ययाचे दोन प्रकार आहेत - **कृत् प्रत्यय** (क्रियेला जोडले जाणारे) आणि **तद्धित प्रत्यय** (नाम, सर्वनाम, विशेषणाला जोडले जाणारे).

### **३. संधि (Joining)**

 * **व्याख्या:** दोन वर्णांच्या (Letters) एकमेकांशी येण्यामुळे जो विकार किंवा बदल होतो, त्याला 'संधी' म्हणतात.

 * **मुख्य प्रकार:**

   1. **स्वर संधि:** दोन स्वरांचे मिलन. (उदा. हिम + आलय = हिमालय)

   2. **व्यंजन संधि:** व्यंजन + स्वर/व्यंजन यांचे मिलन. (उदा. सत् + जन = सज्जन)

   3. **विसर्ग संधि:** विसर्गासोबत स्वर किंवा व्यंजनाचे मिलन. (उदा. निः + चल = निश्चल)

### **४. समास (Compound)**

 * **व्याख्या:** दोन किंवा अधिक शब्दांना एकत्र करून संक्षिप्त (लहान) शब्द तयार करण्याच्या प्रक्रियेला 'समास' म्हणतात.

 * **समासाचे मुख्य प्रकार:**

   | समासाचे नाव | वैशिष्ट्य | उदाहरण |

   | :--- | :--- | :--- |

   | **अव्ययीभाव** | पहिले पद प्रधान/अव्यय असते. | यथाशक्ती (शक्तीनुसार), प्रतिदिन |

   | **तत्पुरुष** | दुसरे पद प्रधान असते (विभक्ती प्रत्यय लोप). | राजपुत्र (राजाचा मुलगा), यशप्राप्त |

   | **द्वंद्व** | दोन्ही पदे प्रधान असतात. | माता-पिता (माता आणि पिता), दिन-रात |

   | **बहुव्रीही** | दोन्ही पदे सोडून तिसऱ्याच अर्थाचा बोध होतो. | लंबोदर (गणपती), दशानन (रावण) |

   | **द्विगु** | पहिले पद संख्यावाचक असते. | चौराहा (चार रस्ते), त्रिफळा |

   | **कर्मधारय** | विशेषण-विशेष्य संबंध असतो. | नीलकमल (निळे कमळ), चंद्रमुख |

### **🎯 परीक्षेसाठी विशेष टिप्स:**

 1. **उपसर्ग आणि प्रत्यय** ओळखताना नेहमी मूळ शब्द (Root Word) वेगळा करून पहा.

 2. **संधी** मध्ये वर्णांचे मिलन होते, तर **समासात** शब्दांचे मिलन होते.

 3. **बहुव्रीही आणि कर्मधारय** मध्ये गोंधळ होऊ नये म्हणून विग्रहावर लक्ष द्या (उदा. पीतांबर - पिवळे आहे वस्त्र ज्याचे तो = विष्णू -> बहुव्रीही).

> **मार्गदर्शक: पी. पी. पेंधे सर**
> *"सातत्यपूर्ण सराव हाच यशाचा पाया आहे!"*



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