CTET भाषा-1: हिंदी सराव संच
मार्गदर्शक: श्री प्रशांत पेंधे सर | मो.: 9834383772
🎯 निकाल (Quiz Result)
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📖 निर्देश (प्रश्न क्र. 91 ते 98): गद्यांश काळजीपूर्वक वाचा:
"कुछ लोग विज्ञान को इसलिए अभिशाप मानते हैं कि इसने बड़े-बड़े संहारक अस्त्रों को जन्म दिया है। इसीलिए विज्ञान को घातक हथियारों का जनक कहा जाता है। इन घातक हथियारों के इस्तेमाल से सारे संसार को मिनटों में नष्ट किया जा सकता है। देखा जाए तो हथियारों की यह दौड़ विज्ञान के कारण नहीं बल्कि वर्तमान विश्व व्यवस्था के कारण है। विश्व का असंतुलित विकास, गरीब और अमीर देशों में दुनिया का विभाजन तथा विकसित पूँजीवादी देशों द्वारा अल्पविकसित देशों पर प्रभुत्व बनाने की महत्वाकांक्षा ने इस विकार को जन्म दिया है। अतः विज्ञान को अभिशाप होने से बचाने के लिए विश्व व्यवस्था में परिवर्तन करना होगा। नयी व्यवस्था में हथियारों की दौड़ समाप्त होगी और विज्ञान अभिशाप कहलाने के कलंक से बच जाएगा।"

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