*TET/CTET परीक्षा उपयुक्त*
*टेस्ट व उत्तर सूची*
*दिवस- 40 वा*
*वार- सोमवार, दि- 20/4/2026*
*वेळ- 8.00 ते 9.00(संध्या)*
*विषय- मराठी*
*घटक- वाक्याचे प्रकार*
🔽🔽🔽🔽🔽🔽🔽
शैक्षणिक क्रांती, एज्युकेशनल व्हिडिओ, घरचा अभ्यास पहिली ते पाचवी, स्पर्धा परीक्षा ज्ञान,
*TET/CTET परीक्षा उपयुक्त*
*टेस्ट व उत्तर सूची*
*दिवस- 40 वा*
*वार- सोमवार, दि- 20/4/2026*
*वेळ- 8.00 ते 9.00(संध्या)*
*विषय- मराठी*
*घटक- वाक्याचे प्रकार*
🔽🔽🔽🔽🔽🔽🔽
घरचा अभ्यास -पहिली
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता दुसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता तिसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता चौथी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता पाचवी
👇👇टच 👇👇
नवनवीन खेळ पहा आमच्या यूट्यूब चैनल वर
👇👇👇येथे स्पर्श करा👇👇👇
🙋🏻♂️ *पुढील अपडेट साठी व्हाट्सअप ग्रुप ला add व्हा .*
*✤┈┈•✦✦•┈┈✤*
🌹शैक्षणिक व्यासपीठ🌹
✊🚩✊
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029Vb7vkXuLNSa42hNi4E2M
*"𝐉 ᴏ ɪ ɴ 𝐀 ʟ ʟ " 🌷*
*----🅿️🅿️----*
&
घरचा अभ्यास -पहिली
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता दुसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता तिसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता चौथी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता पाचवी
👇👇टच 👇👇
नवनवीन खेळ पहा आमच्या यूट्यूब चैनल वर
👇👇👇येथे स्पर्श करा👇👇👇
🙋🏻♂️ *पुढील अपडेट साठी व्हाट्सअप ग्रुप ला add व्हा .*
*✤┈┈•✦✦•┈┈✤*
🌹शैक्षणिक व्यासपीठ🌹
✊🚩✊
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029Vb7vkXuLNSa42hNi4E2M
*"𝐉 ᴏ ɪ ɴ 𝐀 ʟ ʟ " 🌷*
*----🅿️🅿️----*
&
घरचा अभ्यास -पहिली
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता दुसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता तिसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता चौथी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता पाचवी
👇👇टच 👇👇
नवनवीन खेळ पहा आमच्या यूट्यूब चैनल वर
👇👇👇येथे स्पर्श करा👇👇👇
🙋🏻♂️ *पुढील अपडेट साठी व्हाट्सअप ग्रुप ला add व्हा .*
*✤┈┈•✦✦•┈┈✤*
🌹शैक्षणिक व्यासपीठ🌹
✊🚩✊
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029Vb7vkXuLNSa42hNi4E2M
*"𝐉 ᴏ ɪ ɴ 𝐀 ʟ ʟ " 🌷*
*----🅿️🅿️----*
&
घरचा अभ्यास -पहिली
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता दुसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता तिसरी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता चौथी
👇👇टच 👇👇
घरचा अभ्यास - इयत्ता पाचवी
👇👇टच 👇👇
नवनवीन खेळ पहा आमच्या यूट्यूब चैनल वर
👇👇👇येथे स्पर्श करा👇👇👇
🙋🏻♂️ *पुढील अपडेट साठी व्हाट्सअप ग्रुप ला add व्हा .*
*✤┈┈•✦✦•┈┈✤*
🌹शैक्षणिक व्यासपीठ🌹
✊🚩✊
👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029Vb7vkXuLNSa42hNi4E2M
*"𝐉 ᴏ ɪ ɴ 𝐀 ʟ ʟ " 🌷*
*----🅿️🅿️----*
&
**परिभाषा:** जिस शब्द से किसी कार्य के होने या किए जाने का बोध हो, उसे **'क्रिया'** कहते हैं।
(उदा: पढ़ना, लिखना, खाना, जाना)।
कर्म के आधार पर क्रिया के मुख्य रूप से दो भेद होते हैं:
#### **A) अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb)**
* **परिभाषा:** जिस क्रिया का फल सीधा **कर्ता** पर पड़ता है और जिसमें **कर्म** (Object) की आवश्यकता नहीं होती।
* **उदाहरण:**
* राम **सोता** है।
* पक्षी **उड़ते** हैं।
* बच्चा **रोता** है।
* **पहचान:** क्रिया के साथ 'क्या' या 'किसको' लगाकर प्रश्न पूछने पर यदि उत्तर न मिले, तो वह अकर्मक क्रिया है। (उदा: राम क्या सोता है? - कोई उत्तर नहीं)।
#### **B) सकर्मक क्रिया (Transitive Verb)**
* **परिभाषा:** जिस क्रिया का फल कर्ता को छोड़कर **कर्म** पर पड़ता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।
* **उदाहरण:**
* राम **आम** खाता है। (आम = कर्म)
* वह **पत्र** लिखता है। (पत्र = कर्म)
* **पहचान:** क्रिया के साथ 'क्या' लगाकर प्रश्न पूछने पर यदि उत्तर मिले, तो वह सकर्मक क्रिया है। (उदा: राम क्या खाता है? - उत्तर: आम)।
* **परिभाषा:** जहाँ कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे को कार्य करने के लिए **प्रेरित** करता है, उसे 'प्रेरणार्थक क्रिया' कहते हैं।
* **भेद:** इसके दो रूप होते हैं:
1. **प्रथम प्रेरणार्थक:** जब कर्ता स्वयं कार्य में सम्मिलित होकर प्रेरणा देता है। (उदा: माँ बच्चे को **पढ़ाती** है)।
2. **द्वितीय प्रेरणार्थक:** जब कर्ता स्वयं कार्य न कर किसी अन्य से कार्य करवाता है। (उदा: अध्यापक छात्र से पत्र **लिखवाते** हैं)।
**तालिका: मूल क्रिया और प्रेरणार्थक रूप**
|मूल क्रिया|प्रथम प्रे.| द्वि. प्रेरणार्थक |
| पढ़ना | पढ़ाना | पढ़वाना |
| करना | कराना. | करवाना |
| लिखना | लिखाना. | लिखवाना |
| पीना | पिलाना | पिलवाना |
| सोना | सुलाना | सुलवाना |
* **संयुक्त क्रिया:** जब दो क्रियाएँ मिलकर एक ही कार्य को पूरा करती हैं। (उदा: वह **खा चुका**)।
* **नामधातु क्रिया:** जो क्रियाएँ संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से बनती हैं। (उदा: हाथ \rightarrow **हथियाना**, लाठी \rightarrow **लठियाना**)।
* **पूर्वकालिक क्रिया:** जब मुख्य क्रिया से पहले कोई दूसरी क्रिया समाप्त हो चुकी हो। (उदा: वह **पढ़कर** सो गया - यहाँ 'पढ़कर' पूर्वकालिक है)।
*🎯 TET परीक्षा विशेष - "याद रखने योग्य बातें"
* **अकर्मक क्रियाएँ:** रोना, हँसना, सोना, जागना, दौड़ना, तैरना, उड़ना - ये स्वाभाविक रूप से अकर्मक होती हैं।
* **सकर्मक क्रियाएँ:** खाना, पीना, लिखना, पढ़ना, देना, लेना - इनके लिए कर्म की संभावना बनी रहती है।
* **सजातीय क्रिया:** जहाँ कर्म और क्रिया एक ही धातु से बने हों। (उदा: भारत ने लड़ाई लड़ी)।
> **मार्गदर्शक: पी. पी. पेंधे सर**
> *"क्रिया के सही उपयोग से ही भाषा में स्पष्टता आती है। निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है!"*
नमस्ते
हिंदी भाषेत नवीन शब्दांची निर्मिती प्रामुख्याने चार प्रकारे केली जाते:
### **१. उपसर्ग (Prefix)**
* **व्याख्या:** जे शब्दांश मूळ शब्दाच्या **पूर्वी (आधी)** जोडून नवीन शब्द तयार करतात आणि अर्थ बदलतात, त्यांना 'उपसर्ग' म्हणतात.
* **उदाहरणे:**
* **अ** + धर्म = अधर्म
* **अनु** + शासन = अनुशासन
* **निर्** + बल = निर्बल
* **उप** + हार = उपहार
* **टीप:** उपसर्गाला स्वतःचा स्वतंत्र अर्थ नसतो, पण शब्दासोबत जोडल्यावर तो प्रभावशाली ठरतो.
### **२. प्रत्यय (Suffix)**
* **व्याख्या:** जे शब्दांश मूळ शब्दाच्या **शेवटी (नंतर)** जोडून नवीन शब्द तयार करतात, त्यांना 'प्रत्यय' म्हणतात.
* **उदाहरणे:**
* भारत + **ईय** = भारतीय
* सुंदर + **ता** = सुंदरता
* लिख + **आवट** = लिखावट
* घबरा + **आहट** = घबराहट
* **प्रकार:** प्रत्ययाचे दोन प्रकार आहेत - **कृत् प्रत्यय** (क्रियेला जोडले जाणारे) आणि **तद्धित प्रत्यय** (नाम, सर्वनाम, विशेषणाला जोडले जाणारे).
### **३. संधि (Joining)**
* **व्याख्या:** दोन वर्णांच्या (Letters) एकमेकांशी येण्यामुळे जो विकार किंवा बदल होतो, त्याला 'संधी' म्हणतात.
* **मुख्य प्रकार:**
1. **स्वर संधि:** दोन स्वरांचे मिलन. (उदा. हिम + आलय = हिमालय)
2. **व्यंजन संधि:** व्यंजन + स्वर/व्यंजन यांचे मिलन. (उदा. सत् + जन = सज्जन)
3. **विसर्ग संधि:** विसर्गासोबत स्वर किंवा व्यंजनाचे मिलन. (उदा. निः + चल = निश्चल)
* **व्याख्या:** दोन किंवा अधिक शब्दांना एकत्र करून संक्षिप्त (लहान) शब्द तयार करण्याच्या प्रक्रियेला 'समास' म्हणतात.
* **समासाचे मुख्य प्रकार:**
| समासाचे नाव | वैशिष्ट्य | उदाहरण |
| :--- | :--- | :--- |
| **अव्ययीभाव** | पहिले पद प्रधान/अव्यय असते. | यथाशक्ती (शक्तीनुसार), प्रतिदिन |
| **तत्पुरुष** | दुसरे पद प्रधान असते (विभक्ती प्रत्यय लोप). | राजपुत्र (राजाचा मुलगा), यशप्राप्त |
| **द्वंद्व** | दोन्ही पदे प्रधान असतात. | माता-पिता (माता आणि पिता), दिन-रात |
| **बहुव्रीही** | दोन्ही पदे सोडून तिसऱ्याच अर्थाचा बोध होतो. | लंबोदर (गणपती), दशानन (रावण) |
| **द्विगु** | पहिले पद संख्यावाचक असते. | चौराहा (चार रस्ते), त्रिफळा |
| **कर्मधारय** | विशेषण-विशेष्य संबंध असतो. | नीलकमल (निळे कमळ), चंद्रमुख |
### **🎯 परीक्षेसाठी विशेष टिप्स:**
1. **उपसर्ग आणि प्रत्यय** ओळखताना नेहमी मूळ शब्द (Root Word) वेगळा करून पहा.
2. **संधी** मध्ये वर्णांचे मिलन होते, तर **समासात** शब्दांचे मिलन होते.
3. **बहुव्रीही आणि कर्मधारय** मध्ये गोंधळ होऊ नये म्हणून विग्रहावर लक्ष द्या (उदा. पीतांबर - पिवळे आहे वस्त्र ज्याचे तो = विष्णू -> बहुव्रीही).
📚 विषय: प्रशांत पेंधे सर के मार्गदर्शन में
संज्ञा, सर्वनाम और विशेषण (विस्तृत अध्ययन)**
हिंदी व्याकरण में इन तीनों को 'विकारी शब्द' कहा जाता है क्योंकि लिंग, वचन और कारक के अनुसार इनका रूप बदल जाता है।
### **१. संज्ञा (Noun)**
**परिभाषा:** किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, प्राणी या भाव के नाम को 'संज्ञा' कहते हैं।
**संज्ञा के मुख्य ५ भेद:**
1. **व्यक्तिवाचक संज्ञा:** जो किसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराए। (उदा: भारत, गंगा, हिमालय, प्रशांत)।
2. **जातिवाचक संज्ञा:** जो पूरी जाति या श्रेणी का बोध कराए। (उदा: लड़का, नदी, पर्वत, शहर, देश)।
3. **भाववाचक संज्ञा:** जो किसी भाव, गुण, दशा या अवस्था का बोध कराए। (उदा: मिठास, बचपन, क्रोध, प्रेम, ईमानदारी)।
4. **समूहवाचक संज्ञा:** जो किसी समूह या समुदाय का बोध कराए। (उदा: सेना, सभा, कक्षा, भीड़, दल)।
5. **द्रव्यवाचक संज्ञा:** जो किसी धातु या द्रव्य (पदार्थ) का बोध कराए। (उदा: सोना, पानी, तेल, दूध, लोहा)।
### **२. सर्वनाम (Pronoun)**
**परिभाषा:** संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्दों को 'सर्वनाम' कहते हैं।
**सर्वनाम के ६ भेद:**
1. **पुरुषवाचक सर्वनाम:** वक्ता, श्रोता या अन्य के लिए। इसके तीन प्रकार हैं:
* *उत्तम पुरुष:* मैं, हम।
* *मध्यम पुरुष:* तू, तुम, आप।
* *अन्य पुरुष:* वह, वे।
2. **निश्चयवाचक सर्वनाम:** जो किसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध कराए। (उदा: **यह** मेरी पुस्तक है, **वह** मेरा घर है)।
3. **अनिश्चयवाचक सर्वनाम:** जिससे किसी निश्चित वस्तु का बोध न हो। (उदा: बाहर **कोई** खड़ा है, दूध में **कुछ** गिरा है)।
4. **संबंधवाचक सर्वनाम:** जो दो वाक्यों या शब्दों के बीच संबंध बताए। (उदा: **जो** करेगा, **सो** भरेगा; **जैसा** बोओगे, **वैसा** काटोगे)।
5. **प्रश्नवाचक सर्वनाम:** प्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त शब्द। (उदा: दरवाजे पर **कौन** है? तुम **क्या** कर रहे हो?)।
6. **निजवाचक सर्वनाम:** जहाँ वक्ता अपने लिए 'आप' या 'स्वयं' का प्रयोग करे। (उदा: मैं अपना काम **स्वयं** करूँगा)।
### **३. विशेषण (Adjective)**
**परिभाषा:** जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, संख्या, परिमाण आदि) बताते हैं, उन्हें 'विशेषण' कहते हैं।
**विशेषण के ४ मुख्य भेद:**
1. **गुणवाचक विशेषण:** जो संज्ञा के गुण, दोष, रंग, आकार का बोध कराए। (उदा: **बुद्धिमान** बालक, **लाल** फूल, **छोटा** घर)।
2. **संख्यावाचक विशेषण:** जो संज्ञा की संख्या का बोध कराए। इसके दो प्रकार हैं:
* *निश्चित संख्यावाचक:* **दस** लड़के, **दो** आम।
* *अनिश्चित संख्यावाचक:* **कुछ** लोग, **कई** छात्र।
3. **परिमाणवाचक विशेषण:** जो माप-तोल या मात्रा का बोध कराए।
* *निश्चित परिमाण:* **दो लीटर** दूध, **पाँच किलो** चीनी।
* *अनिश्चित परिमाण:* **थोड़ा** पानी, **बहुत** सारा अनाज।
4. **सार्वनामिक विशेषण:** जब कोई सर्वनाम संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताए। (उदा: **यह** लड़का बहुत तेज है, **वह** घर किसका है?)।
### **🎯 TET परीक्षा विशेष - "महत्वपूर्ण सूत्र"**
* **विशेष्य (Visheshya):** जिसकी विशेषता बताई जाए। (उदा: 'काला घोड़ा' में 'घोड़ा' विशेष्य है)।
* **प्रविशेषण (Pra-visheshna):** विशेषण की विशेषता बताने वाला शब्द। (उदा: 'सीता **बहुत** सुंदर है' - यहाँ 'बहुत' प्रविशेषण है)।
* **अवस्थाएँ:** विशेषण की तीन अवस्थाएँ होती हैं - मूलावस्था (लघु), उत्तरावस्था (लघुतर), उत्तमावस्था (लघुतम)।
> **मार्गदर्शक: पी. पी. पेंधे सर**
> *"सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, निरंतर अभ्यास ही एकमात्र रास्ता है!"*
(तत्सम - तद्भव कोनसा शब्द)**
**कर्पूर** का तद्भव->| | कपूर | मक्षिका | मक्खी |
कार्य का तद्भव->| | काज / काम | **क्षीर** | खीर |
**दही** का तत्सम->| ग्राम | गाँव | | दधि |
पत्ता का तत्सम->| **नासिका** | नाक | **पत्र** | |
हिंदी भाषा में शब्दों का उद्गम कहाँ से हुआ है, इसके आधार पर मुख्य रूप से चार प्रकार माने जाते हैं:
* **परिभाषा:** 'तत्' + 'सम' (उसके समान)। संस्कृत के वे शब्द जो हिंदी में **बिना किसी परिवर्तन के** ज्यों के त्यों प्रयोग किए जाते हैं।
* **उदाहरण:** अग्नि, दुग्ध, सूर्य, वायु, हस्त, रात्रि, आम्र, क्षेत्र।
* **पहचान ट्रिक:** जिन शब्दों में 'क्ष', 'त्र', 'ज्ञ', 'ऋ', 'श्र' या आधे वर्णों का प्रयोग होता है, वे प्रायः तत्सम होते हैं।
### **२. तद्भव शब्द (Tadbhiv)**
* **परिभाषा:** 'तत्' + 'भव' (उससे उत्पन्न)। संस्कृत के वे शब्द जो प्राकृत, अपभ्रंश से होते हुए **परिवर्तित रूप** में हिंदी में आए हैं।
* **उदाहरण:** आग (अग्नि से), दूध (दुग्ध से), सूरज (सूर्य से), हाथ (हस्त से), रात (रात्रि से), आम (आम्र से)।
* **पहचान ट्रिक:** ये शब्द बोलने में सरल होते हैं और दैनिक बोलचाल में अधिक प्रयोग होते हैं।
### **३. देशज शब्द (Deshaj)**
* **परिभाषा:** वे शब्द जिनकी उत्पत्ति का पता नहीं चलता और जो **क्षेत्रीय बोलियों** या आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर बन गए हैं।
* **उदाहरण:** लोटा, कटोरा, खिचड़ी, पगड़ी, झोला, डिबिया, ऊटपटांग, खिड़की।
* **परिभाषा:** जो शब्द विदेशी भाषाओं (जैसे अंग्रेजी, अरबी, फारसी, तुर्की, पुर्तगाली) से हिंदी में आए हैं।
* **प्रमुख उदाहरण:**
* **अंग्रेजी:** स्कूल, बस, ट्रेन, स्टेशन, डॉक्टर, पेन।
* **अरबी/फारसी:** अखबार, वकील, आजाद, इनाम, चश्मा, चाकू।
* **पुर्तगाली:** अलमारी, बाल्टी, तौलिया, साबुन, गमला।
* **तुर्की:** कैंची, कुली, बारूद, बेगम।
💡 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण
🎯 मिशन TET 2026:प्रशांत सरजी के विशेष सुझाव**
* **संकर शब्द:** जब दो अलग-अलग भाषाओं के शब्दों को मिलाकर नया शब्द बनता है, तो उसे 'संकर' कहते हैं।
जैसे: रेल (अंग्रेजी) + गाड़ी (हिंदी) = **रेलगाड़ी**; टिकट (अंग्रेजी) + घर (हिंदी) = **टिकटघर**।
> **मार्गदर्शक: पी. पी. पेंधे सर**
> *"नियमित सराव, यशाचा मार्ग!"*
>
वर्णमाला भाषा की सबसे छोटी इकाई होती है। हिंदी में कुल **52 वर्ण** माने जाते हैं।
### **१. स्वर (Vowels)**
स्वतंत्र रूप से बोले जाने वाले वर्ण 'स्वर' कहलाते हैं। इनकी संख्या **11** है।
* **ह्रस्व स्वर:** अ, इ, उ, ऋ (इनके उच्चारण में कम समय लगता है)।
* **दीर्घ स्वर:** आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ (इनके उच्चारण में ह्रस्व से दुगुना समय लगता है)।
### **२. व्यंजन (Consonants)**
स्वरों की सहायता से बोले जाने वाले वर्ण 'व्यंजन' कहलाते हैं। मुख्य रूप से इनकी संख्या **33** है।
* **स्पर्श व्यंजन:** क-वर्ग से म-वर्ग तक (कुल 25)।
* **अन्तःस्थ व्यंजन:** य, र, ल, व।
* **ऊष्म व्यंजन:** श, ष, स, ह।
### **३. अल्पप्राण और महाप्राण (वायु प्रक्षेप के आधार पर)**
* **अल्पप्राण (Alpapran):** जिनके उच्चारण में मुख से कम हवा निकलती है।
* प्रत्येक वर्ग का **1ला, 3रा और 5वाँ** वर्ण।
* जैसे: **क, ग, ङ** | **च, ज, ञ** आदि।
* साथ ही 'य, र, ल, व' और सभी स्वर भी अल्पप्राण हैं।
* **महाप्राण (Mahapran):** जिनके उच्चारण में मुख से अधिक हवा निकलती है।
* प्रत्येक वर्ग का **2रा और 4था** वर्ण।
* जैसे: **ख, घ** | **छ, झ** | **ठ, ढ** आदि।
* साथ ही 'श, ष, स, ह' भी महाप्राण हैं।
### **४. घोष और अघोष वर्ण (कंपन के आधार पर)**
* **अघोष (Aghosh):** जिनके उच्चारण में स्वर-तंत्रियों में कंपन नहीं होता।
* प्रत्येक वर्ग का **1ला और 2रा** वर्ण।
* जैसे: **क, ख** | **च, छ** | **ट, ठ** | **त, थ** | **प, फ**।
* साथ ही: **श, ष, स**।
* **सघोष/घोष (Ghosh):** जिनके उच्चारण में स्वर-तंत्रियों में कंपन होता है।
* प्रत्येक वर्ग का **3रा, 4था और 5वाँ** वर्ण।
* जैसे: **ग, घ, ङ** | **ज, झ, ञ** | **ड, ढ, ण**।
* साथ ही: **य, र, ल, व, ह** और सभी **स्वर**।
### **५. कुछ अन्य महत्वपूर्ण वर्ण**
* **अयोगवाह:** अं (अनुस्वार) और अ: (विसर्ग)।
* **संयुक्त व्यंजन:** क्ष, त्र, ज्ञ, श्र (दो व्यंजनों के मेल से बने)।
* **द्विगुण व्यंजन:** ड़ और ढ़।
> **📝 परीक्षा उपयोगी सुझाव:**
> TET परीक्षा में 'वर्णों के उच्चारण स्थान' (कंठ, तालु, मूर्धा आदि) और 'अल्पप्राण-महाप्राण' के अंतर पर अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं। इस तालिका को याद रखना बहुत जरूरी है।
>
**आशा है कि यह नोट्स आपके
'मिशन TET 2026' के लिए सहायक सिद्ध होंगे!
तंत्रस्नेही शिक्षक
*प्रशांत पेंधे सर, 🙏🙏🙏*
जिल्हा परिषद ठाणे https://youtube.com/watch?v=nbrv3e2T-rc&feature=shared केंद्र = पडवळपाडा खेळाची लिंक टच करा 👇👇 तिसरा दिवस *मार...